Goat Farming In India Hindi

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Goat Farming In India Hindi

हमारा भारत देश में बहूत समय से पशुओं को पालन किया जाता है जिसमें बकरियां को काफी मात्रा में ग्रामीण क्षेत्रों में पला जाता है ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करने वाले लोग इसका व्यवसाय अधिक करते है तथा उनकी जीविका इसी से चलती है इनके पालन पोषण में काम खर्च तथा कम जगहे की आवश्यकता होती है व बकरी पालन में लोगो कि आमदनी बढ़ती है व काफी लोगो को रोजगार भी मिला है
• बकरी पालन व्यवसाय
बकरी पालन का व्यवसाय कम ख़र्च से किया जा सकता है व अधिक लाभ अर्जित कर सकते है यहां व्यवसाय कम ख़र्च व लबे समय तक चलाने वाला व्यवसाय है इस व्यवसाय के अंतर्गत आप निम्न प्रकार की बकरियां पल कर लाभ ले सकते है

1.दूध देने वाले बकरी
2.बकरियां मास वाली
3.ऊंन व खाल के लिए
4.बकरी के मल मूत्र वाली खाद के लिए

• बकरी व्यवसाय में शुरुआत खर्च
बकरी पालन करने के लिए शुरुआत में कम से कम 3.00.000 से 4.00.000 लाख रुपए का शुरुवात ख़र्च आता है जिसमे बकरियां खरीदी शोड तैयार करने में वा मजदूर में यदि में ख़र्च होता है और आप कम निवेश कर अच्छा लाभ कमा सकते हो

बकरी पालन के प्रशिक्षण केंद्र
केंद्रीय बकरी अनुसंधान केंद्र मथुरा उत्तरप्रदेश

• बकरी पालने का क्षेत्र
1.उपयुक्त नस्ल का चयन करें मास उत्पादन करने वाली बकरियां रखे
2.समुचित चारा का प्रवाधन होना चाहिए
3.दुग्ध देने वाली बकरियां को पाले
4.अंतरराष्ट्रीय व्यापार की सम्भव हो

• बकरियां की नस्ल
1.जमुनापारी
2.बिटल
3.सुरती
4.कच्छी
5.मारवाड़ी
6.सिरोही
7.झालावाडी
8.ब्लैक बगाल
बरबरी
ओस्मानाबादी

• बकरियां की आवास योजना
बकरियों को प्रतिकूल मौसम से बचने के लिए आवास व्यवस्था होना जरूरी है आवास साफ सुथारा हवादार तथा ऊचे स्थान में होना चाहिए ग्रह में मेमनो वयस्कों बियाने वा वाली बकरियां तथा बीमार पशुओं के लिए अलग अलग स्थान होना चाहिए

Goat Farming In India Hindi

• बकरियां का चुनाव
1.बकरियां की वृद्धि अच्छी होनी चाहिए
2.बकरियां की खाल मुलायम एव ढीली होनी चाहिए
3.बकरी फुर्ती वाली तथा आंखे चमकदार होना चाहिए
4.अयान विकसित लम्बा पेट से अच्छी तरह जुड़ा होना चाहिए
5.अयन मुलायम तथा सुकडने वाला होना चाहिए
6.अयान उभरा हुआ थन माध्यम आकार होना चाहिए

• बकरियां की आहार व्यवस्था
1.सूखे चारा
भूसा,चना,मटर,अरहर,मुंग, उड़द, गवर, सेम, बसनाई
2.हरे चारा
वरसीम, लूयर्न,मटर , लोबिया,गावर , नेपियर , चारागाह दहलन

बकरियां में बीमारी व लक्षण
1.निमोनिया
लक्षण — ठंड से कपकपी, नाक से तरल पदार्थ का रिसाव, मुंह खोलकर सास लेना एव खासी बुखार जैसी चीज़े
2.आफरा
लक्षण– पेट फूलना पेट दर्द , पेट पर पैर मरना, सास लेने में तकलीफ
3. ओरक / मुंहा
लक्षण — खूब सारे छाले मुंह , व पशु लगड़ाकर चलता है

4.मुहपका- खुरपका
मुंह व पैरो में छाले जो घाव में बदल जाते है अत्यधिक लार निकलना
बुखार आना तथा दूध की मात्रा में गिरावट
5. दस्त
लक्षण– थोड़े थोड़े अंतराल में मल का निकलना
थनोला
लक्षण– थानों में सुजन, दूध में फटे दूध के थक्के व बुखार
आप यहां व्यवसाय को शुरुआत में 10 बकरियों से कर सकते है वा इसको आगे बड़ा सकते हो
बकरियां की नस्ल — उन्नत किस्म की बकरियां
बकरियां की संख्या -10
• बकरियां पालने के मापदंड
• प्रति बकरियां की जगह — 10 वर्गफुट
• सोड निर्माण का खर्च –25.000 रुपए
• बकरियां के लिए घास ख़र्च –2500 रुपए
• पानी की सुविधा– 5000 रुपया
• ट्रांसपोर्ट– 15000 रुपया
• 10000 / बकरी खरीदी के हिसाब से — 1.00.000 रुपया
• चारा काटने की मशीन — 10.000 रुपया
• बकरियों के लिए उपकरण — 2000 रूपया
• प्रति बकरियों का चिकित्सा ख़र्च — 100 रुपया
• बीमा ख़र्च बकरियां की कीमत का 5 %
• 10 बकरियों को दो महीने के दौरान ख़र्च — 4640 रुपया
यह व्यवसाय काम बजट में शुरू कर सकते हो

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