Mushroom Ki Kheti

Mushroom Ki Kheti

Mushroom Ki Kheti

इस समय किसान मशरूम की खेती की तरफ ज्यादा दिलचस्प ले रहा है मशरूम की खेती किसानो के लिए बेहतर आमदनी का जरिया है वा इसकी बाजार में अच्छी कीमत में मांग है और मशरूम की खेती भी काम लागत वाली है जिससे अच्छा मुनाफा कमा सकते है मशरूम की खेती का अच्छा प्रशिक्षण आप कृषि विज्ञान केंद्र या कृषि विश्वविद्यालय से ले सकते हैं वह इसकी खेती कर आप अपनी आय बढ़ा सकते हैं

• भारत में उगाए जाने वाले मशरूम
• आयस्टर मशरूम
• सफेद बटन मशरूम
• दूधिया मशरूम
• पैड़ी स्ट्रॉ मशरूम

आयस्टर मशरूम
यहां मशरूम तस्तरी या प्लेट के आकार का सफेद दूधिया सफेद स्लेटी हल्का पीला अथवा हल्के भूरे रंग का होता है ऊपरी भाग चिकना होता है एवं निचले भाग में बारीक अनेक धारियों होती है उत्पादन के लिए 70 से 100% आद्रता 18 से 30°c के स्पान बाढ़ के लिए और 18 से 32°c मशरूम उत्पादन के लिए धान का पेरा गेहूं का भूसा सोयाबीन ज्वार मक्का की कुट्टी उपयुक्त माध्यम है इसका उत्पादन 18 से 20 दिनों में प्राप्त हो जाता है
सफेद बटन मशरूम
इसका उत्पादन गुच्छों में होता है जो पहले छोटे-छोटे पिन के रूप में निकलते हैं इनका व्यास 3-6 cm होता है स्पन बढ़ाने के लिए 18 से 30°C तथा मशरूम उत्पादन के लिए 14 से 18°C तापमान आवश्यक है इसे गेहूं का भूसा अथवा धान के पैरा कंपोस्ट पर उगाया जा सकता है यह केसिंग करने के बाद 15 से 20 दिनों में मशरूम दे देता है

• आवश्यकताए
खुम्बी को 25 से 45°C तापक्रम वृद्धि करने के लिए आवश्यक है इसे मार्च से लेकर अक्टूबर तक होगा सकते हैं
• मशरूम उगाने की विधि

Mushroom Ki Kheti

1.शैय्या तैयार करना
खुम्बी उगाने के लिए भूमि की जरूरत नहीं बल्कि धान के पुआल से बनी हुई शैय्या की आवश्यकता होती है धान के पुआल के 100 से 120CM लंबे तथा 25.CM ब्यास वाले गड्ढे बनाए उनके सिर सुतली से बांधे इन गड्ढों को पानी में भिगोकर धो लें 4 घंटे की तरह देखकर उसके ऊपर गड्ढे का ढेर चार चार के हिसाब से रखेंगे गड्ढे को पलटकर अर्थात ऊपर के गड्ढे को नीचे कर दें इसी तरह के ऊपर दूसरी तरह गड्ढे के रूप में जमाकर रखें और पानी से तार कर दें
2.बीज बोने की विधि
दूसरी तह में खुम्बी के बीच वह बीज बोने के पुआल में 10 से 12cm के अंदर के स्थान बनाएं बीज बोने के बाद कोड़ा से ढक दें ब्लांचिंग पाउडर भी भुरका दे तीसरी परत रखकर उसमें भी स्थान बनाकर बीच बोए खुम्बी के बीच खूनी अनुसंधान केंद्र चबाघाट सोलन हिमाचल प्रदेश में प्राप्त किए जा सकते हैं
3.सिचाई विधि
बीज बोने के 6 से 7 दिन तक पानी दे बाद में 4 से 5 दिनों में मात्र एक बार हल्का पानी दोपहर के समय दे खुम्बीयो को अंडाकार घटोनुमा या छाता आकार में हो जाने पर तुड़ाई करें तोड़ते समय ध्यान रखें कि उसके बगल वाली और अविकसित खुम्बी को हानि न पहुंचे

मशरूम कम्पोस्ट बनाने की विधि
आवश्यक सामग्री
गेहूं का भूसा -300 किलो
कैल्शियम अमोनिया नाइट्रेट – 9 किलो
सुपर फास्फेट 4 किलो
यूरिया 4 किलो
गेहूं का चाकेट 30 किलो
जिप्सम 20 किलो
गेमोविजॉन या लिनोटास्क 250gm
नेमोगान 30ml
गेहूं का भूसा कैल्शियम नाइट्रेट सुपर फास्फेट और गेहूं का चोकर को गिला करके फर्श पर 2.5 सेंटीमीटर मोटी परत के रूप में फैला देना चाहिए इसके 24 घंटे पश्चात 1×1×1 मीटर आकार को ढेर बना ले पांचवे दिन इसे अच्छी तरह मिला लें 10 वे दिन भी ऐसे ही करें 14 वे दिन तीसरी बार मिलावट करके 10 किलो जिप्सम मिलाएं 18 वे दिन चौथी मिलावट करें 10 किलो जिप्सम मिलाएं 22 वे दिन पांचवी मिलावट करके 30ml को 5 लीटर पानी में घोलकर इसके ऊपर छिड़काव कर देना चाहिए 28 दिन अन्तिम बार मिलाए इस तरह यह कम्पोस्ट पेटिया में भरने के लिए तैयार हो जाएगी
• सावधानी
फफंदी के आक्रमण से बचाव के लिए फॉर्मलीन तथा कीट से बचाव के लिए 0.5 प्रतिशत मेलाथियान का कमरे में छिड़काव करना चाहिए मशरूम की चौड़ाई के बाद लॉजिंग चूर्ण का छिड़काव करना चाहिए मशरूम की तोड़ाई फिरता काल एक बार सिंचाई के पहले करना चाहिए

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