Pyaj Ki Kheti In Hindi

Pyaj Ki Kheti In Hindi

Pyaj Ki Kheti In Hindi

प्याज की खेती बहुत ही लाभदायक है प्याज के कच्चे व पक्के कंद दोनों रूप से सब्जियों और मसाले में उपयोग किया जाता है प्याज से सुप अचार शलाद भी बनाया जाता है इसलिए प्याज बहुत ही उपयोगी मानी जाती इसके अधिक मात्रा में भारत के पश्चिमी उत्तरी और दक्षिणी क्षेत्रों में उगाया जाता है
जलवायु – प्याज ठंडे मौसम की फसल है इसे अब हर प्रकार की जलवायु उगाया जा सकता है इसके अधिक गर्मी या ठंड या अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में भी उगाया जा सकता है इसका फल के लिए 12.8°21°C तापमान सही माना जाता है और सल कंधों के विकास के लिए का 15.5-25°C तापमान उत्तम माना जाता है
भुमि – प्याज को विभिन्न प्रकार की मृदाओं में खेती की जा सकती है उचित जल निकास वाली दोमट भूमि और जलोढ़ मृदा उसके अच्छे उत्पादन के लिए सही मानी जाती है प्याज की खेती के लिए अनुकूल पीएच मान 5.8-6.5 है
भुमि की तैयारी -प्याज के अच्छे उत्पादन के लिए भूमि की अच्छी तैयारी करना बहुत जरूरी है प्रथम जोताई मिट्टी पलटने वाले हल से करें इसके उपरांत दो से तीन जूतियां कल्टीवेटर या हैरों से करें मिट्टी भुरभुरी हो जाए ध्यान रखें मिट्टी में डिमा ना रहे
खाद उर्वरक – प्याज को खाद एवं उर्वरक की की अधिक मात्रा में आवश्यकता होती है प्याज की पोषण आवश्यकता भूमि की कसम और फसल के टाइम पर निर्भर करती है मृदा जांच के आधार पर खाद एवं उर्वरक का उपयोग दृष्टि से उपयुक्त करना चाहिए प्रति हेक्टर खाद व उर्वरक आवश्यकता डालना चाहिए गोबर की खाद 20 से 25 टन डलना चाहिए
नाइट्रोजन फास्फोरस पोटाश कृषि जलवायु क्षेत्रों और उगाई जाने वाली किस पर निर्भर करती है
प्याज का प्रबंधन निम्न प्रकार करें
पौधा शाला में पौधा तैयार करना
प्याज के बीज को सबसे पहले पौधा शाला में बोया जाता है वह साला के सुनी हुई जगह कि पहले खुदाई जुताई की जाती है उसमें पर्याप्त मात्रा में गोबर की खाद डालनी चाहिए पौधाशाला का आकार 3m×0.6m रखा जाता है दोनों कार्य के बीच 70 सेंटीमीटर की दूरी रखी जाती है ताकि कृषि कार्य सुगमता से किया जा सके रेतीली दोमट भूमि पौधा साले के लिए उत्तम है रवि और खरीफ फसल में 10 से 12 किलो वाला से 15 किलोग्राम बीज आवश्यक है रोपण के लिए पौधे रवि और खरीफ के क्रम से 8 -9 सप्ताह 6-7 सप्ताह में तैयार हो जाती है जब पौधे 20-25 सेंटीमीटर ऊंची हो जाते हैं तब रोपण करने के लिए तैयार होते हैं
सिंचाई एवं जल निकास
प्याज की सिंचाई पौधे उनकी वृद्धि भूमि की किस्म और जलवायु के ऊपर निर्भर करती है क्योंकि प्याज एक उतनी जड़ वाली फसल है जिसमें 8-15 सेंटीमीटर तक गहरी जाती है
फसल सुरक्षा
थिप्स – यह कीट पत्तियों का रस चूसते हैं जिसमें पतिया की धारियां या भूरे रंग के धब्बे बन जाते हैं
नियंत्रण – जैसे कि इनका प्रकोप हो तो 0.05% मोनोक्रोटोफॉस मिथाइल का छिड़काव करना चाहिए
खुदाई -खरीफ की फसल 2 से 3 महीने में तैयार हो जाती है खुदाई के लिए और रवि की फसल 3 से 5 महीने में खुदाई के लिए तैयार होती है

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